शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2015

पाचन संबधी विकार और उनका घरेलू उपचार-


* भोजन के साथ सलाद के रूप में टमाटर का प्रतिदिन सेवन
करना लाभप्रद होता है। यदि उस पर काला नमक डालकर
खाया जाए तो लाभ अधिक मिलता है। पथरी के रोगी को कच्चे
टमाटर का सेवन नहीं करना चाहिए।
* 1/2 चम्मच सूखा अदरक पाउडर [सौंठ] लें और उसमें एक चुटी हींग
और सेंधा नमक मिला कर एक कप गरम पानी में डाल कर पीएं।
* गैस के कारण सिर दर्द होने पर चाय में पिसी कालीमिर्च डालें।
वही चाय पीने से लाभ मिलता है।
* कुछ ताजा अदरक स्लाइस की हुई नींबू के रस में भिगो कर भोजन
के बाद चूसने से राहत मिलेगी।
* पेट में या आंतों में ऐंठन होने पर एक छोटा चम्मच अजवाइन में
थोड़ा नमक मिलाकर गर्म पानी में लेने पर लाभ मिलता है।
बच्चों को अजवायन थोड़ी दें।
*भोजन के एक घंटे बाद 1 चम्मच काली मिर्च, 1 चम्मच
सूखी अदरक और 1 चम्मच इलायची के दानो को 1/2 चम्मच
पानी के साथ मिला कर पिएं।
* वायु समस्या होने पर हरड़ के चूर्ण को शहद के साथ मिक्स कर
खाना चाहिए।
* अजवायन, जीरा, छोटी हरड़ और काला नमक बराबर मात्रा में
पीस लें। बड़ों के लिए दो से छह ग्राम, खाने के तुरंत बाद पानी से
लें। बच्चों के लिए मात्रा कम कर दें।
* अदरक के छोटे टुकड़े कर उस पर नमक छिड़क कर दिन में कई बार
उसका सेवन करें। गैस परेशानी से छुटकारा मिलेगा, शरीर
हलका होगा और भूख खुलकर लगेगी।
* काला नमक, हींग और सोंठ का काढ़ा बनाकर पीने से पेट से
संबंधित कई रोग दूर होते हैं। पेट साफ और स्वस्थ रहेगा तो शरीर
ऊर्जावान और शक्तिशाली बना रहता है।
* जो व्यक्ति हर रोज भोजन के बाद थोड़े से गुड़ का सेवन करता है,
उसे शारीरिक रूप से काफी लाभ प्राप्त होता है।गुड़
पुराना होगा तो अधिक फायदेमंद रहता है।भोजन के बाद थोड़ा-
सा मीठा खाने पर पाचन तंत्र को मदद मिलती है।
योग
वज्रासन : खाने के बाद घुटने मोड़कर बैठ जाएं।
दोनों हाथों को घुटनों पर रख लें। 5 से 15 मिनट तक करें।
गैस पाचन शक्ति कमजोर होने से होती है। यदि पाचन
शक्ति बढ़ा दें तो गैस नहीं बनेगी। योग की अग्निसार क्रिया से
आंतों की ताकत बढ़कर पाचन सुधरेगा।

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